उर्जित पटेल के इस्तीफा का सच: निजी कारण या सरकारी दबाव?

उर्जित पटेल के इस्तीफा का सच: निजी कारण या सरकारी दबाव?

“एक उल्लू पारंपरिक रूप से ज्ञान का प्रतीक होता है,  हम ना तो कबूतर हैं और ना बाज़, अपितु हम उल्लू हैं और सतर्क एवं कार्यशील हैं ,जब दूसरे आराम कर रहे हैं”।         – डॉ. उर्जित पटेल उक्त पंक्तियाँ भारतीय रिज़र्व बैंक के चौबीसवें गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल द्वारा कही गई हैं। एक…

Continue Reading

गौतम गंभीर की ‘गंभीर’ पारियों को देश हमेशा रखेगा याद..

गौतम गंभीर की ‘गंभीर’ पारियों को देश हमेशा रखेगा याद..

“मैं बल्लेबाज़ी सुबह, शाम, दोपहर, बर्फ़ पर, रेगिस्तान में, कहीं भी कभी भी कर सकता हूँ। यह मेरे लिए मोक्ष की तरह है। क्रिकेट मेरे अंदर की सभी परेशानियाँ दूर कर देता है। मेरा मानना है कि आपको केवल एक बल्लेबाज़ ही बता सकता है कि एक उत्तम शॉट खेलने के बाद उसके रोंगटे कैसे…

Continue Reading

राफेल डील: विवाद या घोटाला ?

राफेल डील: विवाद या घोटाला ?

  कुछ विषय ऐसे होते हैं; जिन पर विचार प्रकट करना खासा कठिन प्रतीत होता है। कलम उठाते वक्त अजीब सी दुविधा का सामना करना पड़ता है। राफेल डील का प्रकरण मेरे लिये ऐसी ही कठिनाईयाँ लाया। फिर भी अपने मन-मस्तिष्क को संभालते हुए; जब मैंने इस विषय पर भाव प्रकट करने का प्रयास किया…

Continue Reading

गूगल आई०/ओ० 2018: आधुनिक युग का समाधान

गूगल आई०/ओ० 2018: आधुनिक युग का समाधान

‘गूगल’ एक पी० एच० डी० प्रोजेक्ट था ; आज , हम पूरे इंटरनेट की दुनिया की कल्पना गूगल के बिना कर ही नहीं सकते | गूगल हर वर्ष ‘गूगल आई०/ओ०’ नामक एक विकासिक अधिवेशन का आयोजन कराता है | गूगल आई०/ओ० 2018 का आयोजन 8 से 10 मई 2018 के बीच कैलिफ़ोर्निया में हुआ ,जिसमें …

Continue Reading

 झारखंड की राजनीतिक अस्थिरता

 झारखंड की राजनीतिक अस्थिरता

वर्ष 2000 में,  झारखंड राज्य के निर्माण के उपरांत, नीति- निर्माताओं, समाज-सुधारकों और राजनीतिज्ञों का यही मत था कि बिहार से विभाजन, इस उपेक्षित जनजातीय क्षेत्र के लिये अप्रत्यक्ष कृपादान के समान होगा। सीमित क्षेत्र-फल में निहित होने के साथ-साथ, अकूत खनिज संसाधन और मेहनती कामगार आबादी, एक सफ़ल और परिपक्व राज्य की पटकथा लिखने…

Continue Reading

देश का पेट भरने वालों की हमें कितनी चिंता?

देश का पेट भरने वालों की हमें कितनी चिंता?

ये किसान पेड़ पर लटकते क्यों हैं? ये नेता अच्छे काम के लिए अटकते क्यों हैं? लोग न्याय और राहत से भटकते क्यों हैं? अन्याय और विरोध का हक़ हमारा है… फिर हम सब इतना झिझकते क्यों हैं? सुबह हुई, फिर भी अँधेरा क्यों है?कपड़े उजले पर दिल मैला क्यों है?  भारतवर्ष, जो एक कृषि…

Continue Reading

असरदार रही हार

असरदार रही हार

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों को इस बात का श्रेय दिया जाना चाहिए कि इसने भारतीय राजनीति को एक दिलचस्प पड़ाव पर लाकर खड़ा कर दिया है। जहाँ एक तरफ़ गुजरात में कांग्रेस ने अपना मत-प्रतिशत बढ़ाया है, वहीं दूसरी तरफ़ हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने 2/3 बहुमत से कांग्रेस सरकार को हराया…

Continue Reading